Lohit Mandal / Fri, Feb 16, 2024 / Post views : 1236
के लिए रेत व मिट्टी भी गिरायी गयी हैं लम्बे समय से यहां ईट बनाने का खेल चल रहा हैं जिसका उपयोग खरीदी बिक्री मे भी किया जा रहा होगा। इन इटों को पकाने के लिए कच्चे इटों के पास कई टन बड़े वृक्ष कि लकड़ी काट कर रखी गयी हैं जिसपर किसी विभाग का ध्यान नहीं जा रहा हैं हैरानी कि बात यह हैं कि क्या प्रतिबंधित लाल ईट बनाने का लायसेंस फिरसे मिलना प्रारम्भ हो गया हैं या फिर प्रसासन कि आँखों मे धुल झोंक कर यह खेल चल रहा जिससे पर्यावरण प्रदूषण और तेजी से बढेगा। क्या इनके द्वारा उपयोग किया जा रहा लकड़ी का कोई परमिशन हैं या फिर जंगलों कि लकड़ी काट इसका उपयोग
लाल ईट पकाने मे किया जा रहा अब देखना यह हैं कि इसपर साशन-प्रसाशन कोई कार्यवाही करते हैं या सभी आँखे मुंद शांति से बैठे रहेंगे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लाल ईटों पर प्रतिबंध लगाया गया है इसके बाद भी प्रतिबंध का कोई असर नहीं है धड़ल्ले से अवैध रूप से लाल ईटों का निर्माण चल रहा है। लाल ईट की जगह फ्लाई एश ब्रिक्स का उपयोग करने का आदेश है।विज्ञापन
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