Logo
Breaking News Exclusive
जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा पत्थलगांव में भी संपन्न हुआ लिटिल रोज इंग्लिश मीडियम स्कूल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मनाया गया राष्ट्रीय पर्व मयंक रोहिला महा धान घोटाला, साढ़े 6 करोड़ से अधिक के गबन का मामला,अधिकारी,प्रबंधक समेत आधा दर्जन पर एफआईआर दर्ज। गोयल किंडरगार्डन स्कूल में 5वाँ वार्षिक उत्सव कार्यक्रम...सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के मुख्य अतिथि में हुवा सम्पन्न हिदमा के मारे जाने के बाद 82 लाख के इनामी 28 नक्सली किये आत्मसमर्परण छठ पूजा पर प्रदेश कांग्रेस सचिव रत्ना पैंकरा ने लिया आशीर्वाद Chhath Puja 2025: क्यों किया जाता है छठ व्रत? क्या है इतिहास? जानें सबकुछ* पत्थलगांव में विधायक गोमती साय ने किया छठ घाट का निरीक्षण, 28 अक्टूबर को करेंगी 40 लाख की पचरी निर्माण का भूमिपूजन चोरी की बुलेट मोटर सायकल के साथ पकड़ा गया चोर भुवन सिंह, भेजा गया जेल, मामला थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत...पढिये पूरी खबर

: प्रतिबंधित लाल ईट बनाने का खेल मिरिगुडा मे जोरो पर, क्या प्रशासन द्वारा हो पायेगी इसपर कोई कार्यवाही???

Lohit Mandal / Fri, Feb 16, 2024 / Post views : 1237

Share:
  धरमजयगढ़।    मिरिगुडा मे प्रतिबंधित लाल ईट बनाने का खेल खूब जोरो सोरो से चल रहा यहां सडक के किनारे ही कई ईट भट्टे दिखाई दें रहे हैं दूर से तो यह भट्ठे मामूली दिखाई देते हैं पर पास जाकर देखने पर इनमे लाखों कच्चे ईट बने हुवे हैं जिनहे पर्यावरण सुरक्षा को ताक पर रखते हुवे इन कच्चे ईट को बड़े-बड़े लकड़ियों से पकाने कि तैयारी चल रही हैं इसी के साथ इसके पास और ईट बनाने के लिए रेत व मिट्टी भी गिरायी गयी हैं लम्बे समय से यहां ईट बनाने का खेल चल रहा हैं जिसका उपयोग खरीदी बिक्री मे भी किया जा रहा होगा। इन इटों को पकाने के लिए कच्चे इटों के पास कई टन बड़े वृक्ष कि लकड़ी काट कर रखी गयी हैं जिसपर किसी विभाग का ध्यान नहीं जा रहा हैं हैरानी कि बात यह हैं कि क्या प्रतिबंधित लाल ईट बनाने का लायसेंस फिरसे मिलना प्रारम्भ हो गया हैं या फिर प्रसासन कि आँखों मे धुल झोंक कर यह खेल चल रहा जिससे पर्यावरण प्रदूषण और तेजी से बढेगा। क्या इनके द्वारा उपयोग किया जा रहा लकड़ी का कोई परमिशन हैं या फिर जंगलों कि लकड़ी काट इसका उपयोग लाल ईट पकाने मे किया जा रहा अब देखना यह हैं कि इसपर साशन-प्रसाशन कोई कार्यवाही करते हैं या सभी आँखे मुंद शांति से बैठे रहेंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लाल ईटों पर प्रतिबंध लगाया गया है इसके बाद भी प्रतिबंध का कोई असर नहीं है धड़ल्ले से अवैध रूप से लाल ईटों का निर्माण चल रहा है। लाल ईट की जगह फ्लाई एश ब्रिक्स का उपयोग करने का आदेश है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें