Lohit Mandal / Mon, Jul 15, 2024 / Post views : 1096
श्री निखिल राखेचा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जिला सुकमा, श्री आकाश राव गिरेपूंजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा, श्री मृण्मय बैनर्जी, सहायक कमाण्डेन्ट 50 वाहिनी सीआरपीएफ, श्री जोयचन्द्रा सिंह, सहायक कमाण्डेन्ट 188 वाहिनी सीआरपीएफ के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार ’’ योजना से प्रभावित तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके षोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 01 महिला नक्सली सहित कुल 04 नक्सलियों क्रमशः 01 दिरदो हिड़मा पिता नागा (ग्राम टेटेमडगू आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष ईनामी 01 लाख रूपये) उम्र लगभग 39 वर्ष जाति मुरिया निवासी टेटेमडगू थाना किस्टाराम जिला सुकमा (छ0ग0), 02. महिला सोड़ी सोमे पिता सोड़ी बण्डी पति माड़वी कोसा (अरलमपल्ली पंचायत केएमएस सदस्या) उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी अरलमपल्ली राजापारा जिला सुकमा एवं पोड़ियाम हुंगा पिता पोड़ियाम हिड़मा (ग्राम टेेटेमड़गू आरपीसी मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी वेरमामूड थाना किस्टाराम जिला सुकमा के द्वारा आज दिनांक 11.07.2024 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में श्री एस. के. दिनेश, सहायक कमाण्डेन्ट 188 वाहिनी सीआरपीएफ, निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल एवं निरीक्षक मुकेश कुमार बिष्ट, 188 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। महिला नक्सली सोडी सोमे को समर्पण हेतु प्रोत्साहित करने 188 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा एवं शेष नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना शाखा तथा डीआरजी सुकमा का विशेष प्रयास रहा।*
🔻 *इसी तारतम्य में नक्सल सदस्य मुचाकी देवा पिता स्व. मुचाकी हड़मा (तुमालपाड़ आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष) उम्र लगभग 55 वर्ष जाति मुरिया निवासी एंटापाड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा के द्वारा आज दिनांक 11.07.2024 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में श्री दुर्गा राम, द्वितीय कमान अधिकारी 50 वाहिनी सीआरपीएफ एवं निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल के समक्ष बिना हथियार के समर्पण किया गया। उक्त नक्सली को समर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में श्री मृण्मय बैनर्जी, सहायक कमाण्डेन्ट 50 वाहिनी सीआरपीएफ एवं 50 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा।*
◾ *उपरोक्त सभी प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गो में स्पाईक लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध में नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाना आदि घटनाओं में शामिल रहे है।*
🟩 *उक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।*विज्ञापन
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